
यह क्षेत्र पहले कोटिया भील के नियंत्रण में था जिसे बूंदी के चौहान वंश के राजा जैतसिंह के पौत्र ने कोटिया भील को मारकर अपने अधिकार में कर लिया। कोटिया भील के कारण इसका नाम कोटा पड़ा।
महत्त्वपूर्ण जानकारी :-
प्रशासनिक और राजनैतिक दृष्टि से देखे तो इस जिले मे 5 नगरपालिका(कैथून,संगोद,सुल्तानपुर,इटावा,रंगजमंडी), 5 उपखंड और 5 तहसीले ( पीपल्दा , दिगोद,लाडपुरा,रंगजमंडी,संगोद ) है !
इस जिले मे 6 विधानसभा क्षेत्र आते है ( कोटा उत्तर ,कोटा दक्षिण,संगोद,पीपल्दा,लाडपुरा,रंगजमंडी ) जबकि यह सम्पूर्ण क्षेत्र ( 6 विधानसभा )कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है ! इसके अतिरिक्त इस लोकसभा क्षेत्र मे बूंदी के दो विधानसभा क्षेत्र (बूंदी,कैशोरायपाटन )भी आते है ! इसके पड़ौसी जिले की बात करे तो इसके पश्चिम मे बूंदी व चित्तौड़ है जबकि पूर्व मे बाराँ जिला आता है उत्तर की बात करे तो बूंदी ,टोंक व सवाइमाधोपुर है दक्षिण मे झालावाड़ जिला स्थित है !
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य- (2011 के आकड़े )
क्षेत्रफल – 5,217 km²
साक्षरता दर -61.5
लिंगनुपात – 946/1000
जनसंख्या घनत्व – 227 वर्ग किलोमीटर
जनसंख्या – 14.11 लाख ( 19.89 लाख ,2024 तक अनुमानित )
आधिकारिक वेबसाइट- kota.rajasthan.gov.in
