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Regular portions of Hadoti and its rich legacy to keep the 'Living Heritage' social and global!

राजस्थान-की-शिक्षा-नगरी

कोटा

चम्बल की धरती / शिक्षा नगरी

कोटा राजस्थान राज्य का जयपुर और जोधपुर के बाद तीसरा सबसे बड़ा शहर है इसे शिक्षा नगरी के नाम से देश दुनिया मे जाना जाता है लेकिन इसके साथ ही यह  लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। चंबल नदी के तट पर स्थित, यह शहर अपनी विशिष्ट शैली की पेंटिंग, महलों, संग्रहालयों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर सोने के आभूषणों, डोरिया साड़ियों, रेशम साड़ियों और प्रसिद्ध पत्थर के लिए जाना जाता है। इसे राजस्थान की औधोगिक नगरी भी कहाँ जाता है 
 
यह सम्पूर्ण क्षेत्र पहले बूंदी राज्य  का भाग हुआ करता था किन्तु 17वीं शताब्दी में यह अलग राज्य बन गया। यहाँ हाड़ा चौहान का शासन था। शाहजहाँ के समय 1631ई. में बॅूदी नेरश राव रतनसिंह के पुत्र माधोसिंह को इसे का पृथक राज्य देकर उसे बूंदी से स्वतंत्र कर दिया। तभी से कोटा स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।

यह क्षेत्र पहले कोटिया भील  के नियंत्रण में था जिसे बूंदी के चौहान वंश के राजा जैतसिंह के पौत्र ने कोटिया भील को मारकर अपने अधिकार में कर लिया। कोटिया भील के कारण इसका नाम कोटा पड़ा।

 
यहाँ का इतिहास बहुत अशांत रहा है क्योंकि इस पर अनेक  मुगल शासकों, जयपुर के महाराजाओं और मराठा सरदारों के आक्रमण बार बार होते रहे है । यह शहर अपने स्थापत्य वैभव, सुंदर महलों, मंदिरों और संग्रहालयों के साथ साथ आईआईटी कोचिंग, नीट कोचिंग ओर अनेक पर्यटन स्थलों ओर चम्बल की सुंदरता के लिए  दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जो पूर्ववर्ती युग की भव्यता को प्रदर्शित करते हैं। 
 

महत्त्वपूर्ण जानकारी :-

प्रशासनिक और राजनैतिक दृष्टि से देखे तो इस जिले मे 5 नगरपालिका(कैथून,संगोद,सुल्तानपुर,इटावा,रंगजमंडी), 5 उपखंड और 5 तहसीले ( पीपल्दा , दिगोद,लाडपुरा,रंगजमंडी,संगोद )  है !

इस जिले मे 6 विधानसभा क्षेत्र आते है ( कोटा उत्तर ,कोटा दक्षिण,संगोद,पीपल्दा,लाडपुरा,रंगजमंडी ) जबकि यह सम्पूर्ण क्षेत्र ( 6  विधानसभा )कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है ! इसके अतिरिक्त इस लोकसभा क्षेत्र मे बूंदी के दो विधानसभा क्षेत्र (बूंदी,कैशोरायपाटन )भी आते है ! इसके पड़ौसी जिले की बात करे तो इसके पश्चिम मे बूंदी व चित्तौड़ है जबकि पूर्व मे बाराँ जिला आता है उत्तर की बात करे तो बूंदी ,टोंक व सवाइमाधोपुर है दक्षिण मे झालावाड़ जिला स्थित है ! 

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य-  (2011 के आकड़े )

                                  क्षेत्रफल – 5,217 km²              

                                  साक्षरता दर -61.5

                                  लिंगनुपात – 946/1000

                                  जनसंख्या घनत्व – 227 वर्ग किलोमीटर 

                                  जनसंख्या – 14.11 लाख  ( 19.89 लाख ,2024 तक अनुमानित )

                                  आधिकारिक वेबसाइट- kota.rajasthan.gov.in  

आइए.. ! कोटा की सुन्दरता,घूमने की जगह और शोर्यवान इतिहास का अन्वेषण करे

कोटा का सम्पूर्ण इतिहास

कोटा मे घूमने की सुंदर,प्राकृतिक और एतिहासिक जगह

शिक्षा नगरी के मेले और त्योहार

कोटा कैसे पहुंचें

निकटतम हवाई अड्डा जयपुर में सांगानेर हवाई अड्डा है जो 244 किलोमीटर दूर है
राजस्थान के सभी शहरों और कस्बों से यहाँ के लिए नियमित बसें उपलब्ध हैं।
यह जिला पश्चिमी रेलवे क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई लाइन पर एक प्रमुख जंक्शन है। ज्यादातर ट्रेनें कोटा से होकर गुजरती हैं।
कोटा-राजस्थान

हाड़ौती के तीन ओर जिलों के बारे मे जाने :

बूंदी

बाराँ

झालावाड़