
झालावाड़ राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र का एक जिला है ! यह ऐतिहासिक नगरी रियासत काल की नवीनतम और अंग्रेजों द्वारा बनाई गई रियासत थी ! यह कोटा नगरी के दक्षिण मे स्थित है ! यह सारा क्षेत्र पहले कोटा राज्य के अधीन हुआ करता था ! बाद मे अंग्रेजों द्वारा कोटा जिले से 17 परगने अलग कर के एक नवीनतम रियासत झालावाड़ बनाई गई ! झालावाड़ नगर झाला जालिम सिंह ने 1791 ई मे बसाया था ! झाला जालिम सिंह कोटा राज्य के सेनापति थे ! झालाओ ने इसके पास एक ओर नगर झालरापाटन बसाया ! इन दोनों नगर की दूरी 7 किलोमीटर है !
जिस स्थान पर झालावाड़ बसाया गया है वहाँ पहले एक बस्ती हुआ करती थी जिसे चाओनी उमेदपुरा के नाम से जाना जाता है ! झाला जालिम सिंह वहाँ शिकार खेलने जाते थे ! बाद मे उन्होंने इस स्थान को सैन्य छावनी और टाउनशिप के रूप मे विकसित किया ताकि कोटा राज्य की मराठों से रक्षा की जा सके !
यहाँ राजस्थान की सबसे अधिक वर्षा होती है इसलिए इसे राजस्थान का चेरापुंजी कहा जाता है इसके अलावा इसे राजस्थान का नागपुर, राजस्थान का बृजनगर, घंटियों का शहर आदि उपनामों से जाना जाता है।
इसके पडौसी जिलों की बात करे तो उत्तर मे कोटा, उत्तर-पूर्व मे बाराँ जिले आते है जबकि इसकी बाकी सीमा मध्यप्रदेश से लगती है !
महत्त्वपूर्ण जानकारी :-
इस जिले मे अगर प्रशासनिक विभाजन की बात करे तो झालावाड़ मे नगर परिषद है और इस जिले मे 4 नगरपालिका(झालरापाटन ,अकलेरा ,पिड़ावा व भवानीमंडी ), 5 उपखंड और 12 तहसीले ( अकलेरा,असनावर,गंगधार,झालरापाटन ,खानपुर ,मनोहरथाना,पचपदरा, पिड़ावा,सुनेल ,रायपुर,बकानी,डग ) है !
इस जिले मे 4 विधानसभा क्षेत्र आते है (झलरापाटन,डग, खानपुर,मनोहर-थाना ) जबकि यह सम्पूर्ण क्षेत्र ( 4 विधानसभा ) झालावाड़-बाराँ लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है ! झालावाड़-बाराँ लोकसभा क्षेत्र मे इसके अतिरिक्त बाराँ के 4 विधानसभा क्षेत्र भी आते है !
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य- (2011 के आकड़े )
क्षेत्रफल – 6,928 किमी 2
साक्षरता दर -76.6
लिंगनुपात – 911/1000
जनसंख्या घनत्व – 374 वर्ग किलोमीटर
जनसंख्या – 19.51 लाख ( 22.62 लाख ,2024 तक अनुमानित )
आधिकारिक वेबसाइट- kota.rajasthan.gov.in
