हाड़ौती के बारे मे जानकारी
हाड़ौती राजस्थान का एक क्षेत्र है जो राजस्थान के पूर्व और दक्षिण मे स्थित है इस क्षेत्र मे राजस्थान के 4 जिले बूंदी, बारां, झालावाड़ और कोटा आते हैं, और इसके पश्चिम में राजस्थान का मेवाड़ क्षेत्र और दक्षिण में मध्य प्रदेश राज्य के मालवा क्षेत्र आता है।
हाड़ौती का नाम हाड़ा राजपूतों के नाम पर
हाड़ौती राजस्थान का एक क्षेत्र है जो राजस्थान के पूर्व और दक्षिण मे स्थित है इस क्षेत्र मे राजस्थान के 4 जिले बूंदी, बारां, झालावाड़ और कोटा आते हैं, और इसके पश्चिम में राजस्थान का मेवाड़ क्षेत्र और दक्षिण में मध्य प्रदेश राज्य के मालवा क्षेत्र आता है। इस क्षेत्र का नाम हाड़ा राजपूतों के नाम पर हाड़ौती पड़ा , जो चौहान राजपूत वंश की एक शाखा है। 12वीं शताब्दी की शुरुआत में, ये हाड़ाराजपूत इस क्षेत्र में आए ! इस क्षेत्र मे मीणाओ का शासन था ! हाड़ाओ के राजा राव देवा ने वर्ष 1241 में बूंदी पर और फिर वर्ष 1264 में उसके पुत्र जैत सिंह ने कोटा पर कब्जा कर बूंदी राज्य मे मिल दिया । कोटा ने वर्ष 1631 में एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अपना दर्जा प्राप्त कर लिया था।कोटा राज्य से ही अलग होकर वर्ष 1838 में झालावाड़ एक अलग राज्य बन गया। बाराँ जो हाड़ौती का नवीनतम जिला है वह कोटा से अलग कर के बनाया गया ! बाराँ जिला 10 अप्रैल 1991 को अस्तित्व मे आया !

हाड़ौती अपनी विषिष्ट ऐतिहासिक, लोक-सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान के कारण देशभर मे महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हाड़ौती का प्राचीन स्थापत्य, इतिहास, साहित्य, धार्मिक परम्परा, शौर्य, पराक्रम, भक्ति एवं त्याग की घटनाएं इतनी जीवन्त और प्रभावशाली हैं कि ये मन को मुग्ध कर देती है ! हाड़ौती मे अनेक प्राचीन मंदिर जिनकी स्थापत्य कला बहुत सुंदर है जो लोगों को आकर्षित करती है ! अनेक मेले और त्योहार इस क्षेत्र को ओर रंगीन और उल्लास से भरा हुआ बनाते है ! कोटा मे दशहरा , संगोद का न्हाण , गणेश उत्सव , बूंदी की तीज , बारां के डोल , केशवराय पाटन बूंदी का मेला आदि ! इस क्षेत्र मे चम्बल ,कलिसिन्ध आदि अनेक नदिया है अतः हाड़ौती का क्षेत्र कृषि प्रधान है और यहाँ की अधिकांश जनता कृषि कार्य करती है। गेहूं, जौ, दालें और गन्ना मुख्य मुख्य फसलें हैं। यह क्षेत्र तिलहन और खनिज संसाधनों से समृद्ध है। कोटा क्षेत्र निरंतर औद्योगिक क्षेत्र भी नए आयाम छु रहा है अतः हाड़ौती के विकास के लिए कोटा मे हाड़ौती औद्योगिक मेला हर वर्ष लगाया जाता है हाड़ौती का कोटा शैक्षणिक नागरी क्व नाम से जाना जाता है यह राजस्थान का सबसे साक्षर जिला है ! हाड़ौती क्षेत्र भौगोलिक और प्राकृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है इस क्षेत्र मे अच्छी वर्षा होती है

